कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी.
पहन लो तुम स्वेटर तुमसे यही है हमारी गुज़ारिश, मुबारक हो आप सबको सर्दी की पहली बारिश…
क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..
ईस बरसात में हम भीग जायेंगे, दिल में तमन्ना के फूल खिल जायेंगे, अगर दिल करे मिलने को तो याद करना.. बरसात बनकर बरस जायेंगे!
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरों को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून!
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी.
पहन लो तुम स्वेटर तुमसे यही है हमारी गुज़ारिश, मुबारक हो आप सबको सर्दी की पहली बारिश…
क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..
ईस बरसात में हम भीग जायेंगे, दिल में तमन्ना के फूल खिल जायेंगे, अगर दिल करे मिलने को तो याद करना.. बरसात बनकर बरस जायेंगे!
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरों को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून!