बेसन की रोटी, नींबू का अचार, दोस्तों की ख़ुशी, अपनों का प्यार, सावन की रैन, किसी का इंतज़ार, मुबारक हो आपको, बारिश की बहार, / / / / / / / / / हैप्पी रैनी डे!
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरों को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून!
जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है| ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|
भीगे मौसम की भीगीसी शुरुआत.. भीगीसी याद भूली हुई बात.. वो भीगीसी आँखे.. वो भीगा हुआ साथ.. मुबारक हो आपको..आज की खूबसूरत बरसात…
हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने..!!
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बेसन की रोटी, नींबू का अचार, दोस्तों की ख़ुशी, अपनों का प्यार, सावन की रैन, किसी का इंतज़ार, मुबारक हो आपको, बारिश की बहार, / / / / / / / / / हैप्पी रैनी डे!
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरों को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून!
जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है| ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|
भीगे मौसम की भीगीसी शुरुआत.. भीगीसी याद भूली हुई बात.. वो भीगीसी आँखे.. वो भीगा हुआ साथ.. मुबारक हो आपको..आज की खूबसूरत बरसात…
हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने..!!
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…