बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बारिश के मौसम में आपका दिल मचलता होगा, पानी में भीगने का दिल करता होगा, इसमें आपकी गलती नहीं, इस मौसम में हर मेंढक का यही हाल होता है…
पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की, मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे, तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!
आज तो बहुत खुश हो गए आप? क्योकि, बारिश जो हो रही है, और बारिश में तो, सभी मेंडक खुश होते है… हैप्पी मानसून
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी.
पहन लो तुम स्वेटर तुमसे यही है हमारी गुज़ारिश, मुबारक हो आप सबको सर्दी की पहली बारिश…
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बारिश के मौसम में आपका दिल मचलता होगा, पानी में भीगने का दिल करता होगा, इसमें आपकी गलती नहीं, इस मौसम में हर मेंढक का यही हाल होता है…
पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की, मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे, तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!
आज तो बहुत खुश हो गए आप? क्योकि, बारिश जो हो रही है, और बारिश में तो, सभी मेंडक खुश होते है… हैप्पी मानसून
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी.
पहन लो तुम स्वेटर तुमसे यही है हमारी गुज़ारिश, मुबारक हो आप सबको सर्दी की पहली बारिश…