“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान