मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

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हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है

ज़माने की नज़र में थोड़ा सा अकड़ कर चलना सीख लो दोस्त मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो लोग जलाते ही रहेगें

जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे

हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है

ज़माने की नज़र में थोड़ा सा अकड़ कर चलना सीख लो दोस्त मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो लोग जलाते ही रहेगें

जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे