मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।
औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा
लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं
जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।
औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा
लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं
जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं