जब हम गलत लोगों से उम्मीद पाल लेते हैं, तब हम खुद को खुद धोखा देते हैं.
गलती और धोखा में फर्क होता है आप जितनी जल्दी समझ जाओ उतना ही अच्छा है। गलतियां माफ की जा सकती है धोखा नहीं ।।
कोई था क्या नशा तेरी आँखों के बराबर? कोई होगा क्या नशा तेरे जाने के बाद? सब ठीक तो था, बेवफाई करनी क्या जरुरी थी? छोडिए अब उनका जिक्र, हम फिर कोई मयखाना पी जाएंगे ।।
धोखा देने वाले को भी धोखा हीं मिलता है.
सच कहे तो दिल हमारा मोहब्बत का समंदर है तेरे हज़ार धोके के बाद भी तुझ पर मरता है
जब भी हम किसी और पर अन्धविश्वास करते हैं, तो हम खुद को धोखा दे रहे होते हैं.
जब हम गलत लोगों से उम्मीद पाल लेते हैं, तब हम खुद को खुद धोखा देते हैं.
गलती और धोखा में फर्क होता है आप जितनी जल्दी समझ जाओ उतना ही अच्छा है। गलतियां माफ की जा सकती है धोखा नहीं ।।
कोई था क्या नशा तेरी आँखों के बराबर? कोई होगा क्या नशा तेरे जाने के बाद? सब ठीक तो था, बेवफाई करनी क्या जरुरी थी? छोडिए अब उनका जिक्र, हम फिर कोई मयखाना पी जाएंगे ।।
धोखा देने वाले को भी धोखा हीं मिलता है.
सच कहे तो दिल हमारा मोहब्बत का समंदर है तेरे हज़ार धोके के बाद भी तुझ पर मरता है
जब भी हम किसी और पर अन्धविश्वास करते हैं, तो हम खुद को धोखा दे रहे होते हैं.