हम शिकवा करें क्या किसी से, यहाँ हर ओर बेवफाई है। उसे धोखा दिया किसी और ने, उसकी भी सजा हमने पाई है।।

हम शिकवा करें क्या किसी से, यहाँ हर ओर बेवफाई है। उसे धोखा दिया किसी और ने, उसकी भी सजा हमने पाई है।।

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गलती और धोखा में फर्क होता है आप जितनी जल्दी समझ जाओ उतना ही अच्छा है। गलतियां माफ की जा सकती है धोखा नहीं ।।

धोखा तो हम भी दे सकते थे पर उस खेल में मजा नहीं ।। जिस खेल को खेलने से दिल टूटे ?

यहाँ पर अब न कर बात तू मोहब्बत कि साहेब हर कोई इस रास्ते से गुजरा हुआ है..! कुछ ने धोखा दिया हुआ है..! तो कुछ ने धोखा खाया हुआ है..!!

जब जब तेरी याद पास आती है मेरे….. मैं तेरे दिए धोखे और बेवफ़ाई को याद कर लेती हूँ..!!

गलती तेरी नहीं की तूने मुझे धोखा दिया गलती मेरी थी जो मैंने तुझे मौका दिया!

जब हम गलत लोगों से उम्मीद पाल लेते हैं, तब हम खुद को खुद धोखा देते हैं.

गलती और धोखा में फर्क होता है आप जितनी जल्दी समझ जाओ उतना ही अच्छा है। गलतियां माफ की जा सकती है धोखा नहीं ।।

धोखा तो हम भी दे सकते थे पर उस खेल में मजा नहीं ।। जिस खेल को खेलने से दिल टूटे ?

यहाँ पर अब न कर बात तू मोहब्बत कि साहेब हर कोई इस रास्ते से गुजरा हुआ है..! कुछ ने धोखा दिया हुआ है..! तो कुछ ने धोखा खाया हुआ है..!!

जब जब तेरी याद पास आती है मेरे….. मैं तेरे दिए धोखे और बेवफ़ाई को याद कर लेती हूँ..!!

गलती तेरी नहीं की तूने मुझे धोखा दिया गलती मेरी थी जो मैंने तुझे मौका दिया!

जब हम गलत लोगों से उम्मीद पाल लेते हैं, तब हम खुद को खुद धोखा देते हैं.