किसी ने मुझे ये सिखा दिया कि, हद से ज्याद किसी को चाहना बुरी बात है ।
इस बार मत बख़्शना, मौक़ा मिले तो.. तुम भी धोखा देना, धोखा मिले तो !! वफ़ा की जगह बेवफाई ने ली है विश्वास की जगह अब मक्कारी ने ली है बचकर रहना है अब इस दुनिया से क्योंकि प्यार की जगह अब धोखे ने ली है….
अर्ज़ किया है… कि… मेरी शायरी में अब भी दर्द की कमी है शायद तेरे धोखे का इंतज़ार है इस दिल को!
प्यार की राह में चलने वालों को अक्सर धोखा खाने का डर रहता है.
किसी को धोखा देने से पहले यह जरुर सोच लीजिए कि बुरे काम का नतीजा देर से हीं सही नुकसान जरुर पहुंचाता है.
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,
किसी ने मुझे ये सिखा दिया कि, हद से ज्याद किसी को चाहना बुरी बात है ।
इस बार मत बख़्शना, मौक़ा मिले तो.. तुम भी धोखा देना, धोखा मिले तो !! वफ़ा की जगह बेवफाई ने ली है विश्वास की जगह अब मक्कारी ने ली है बचकर रहना है अब इस दुनिया से क्योंकि प्यार की जगह अब धोखे ने ली है….
अर्ज़ किया है… कि… मेरी शायरी में अब भी दर्द की कमी है शायद तेरे धोखे का इंतज़ार है इस दिल को!
प्यार की राह में चलने वालों को अक्सर धोखा खाने का डर रहता है.
किसी को धोखा देने से पहले यह जरुर सोच लीजिए कि बुरे काम का नतीजा देर से हीं सही नुकसान जरुर पहुंचाता है.
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,