जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो, हमारा शहर तो यूँ ही बिच में आया था
दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो, हमारा शहर तो यूँ ही बिच में आया था
दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !