जब जब तेरी याद पास आती है मेरे….. मैं तेरे दिए धोखे और बेवफ़ाई को याद कर लेती हूँ..!!
जब भी हम किसी और पर अन्धविश्वास करते हैं, तो हम खुद को धोखा दे रहे होते हैं.
प्यार में सब जायज़ है….. यह कहकर वो धोखा देगये….
किसी ने मुझे ये सिखा दिया कि, हद से ज्याद किसी को चाहना बुरी बात है ।
कोई था क्या नशा तेरी आँखों के बराबर? कोई होगा क्या नशा तेरे जाने के बाद? सब ठीक तो था, बेवफाई करनी क्या जरुरी थी? छोडिए अब उनका जिक्र, हम फिर कोई मयखाना पी जाएंगे ।।
किसी को धोखा देने से पहले यह जरुर सोच लीजिए कि बुरे काम का नतीजा देर से हीं सही नुकसान जरुर पहुंचाता है.
जब जब तेरी याद पास आती है मेरे….. मैं तेरे दिए धोखे और बेवफ़ाई को याद कर लेती हूँ..!!
जब भी हम किसी और पर अन्धविश्वास करते हैं, तो हम खुद को धोखा दे रहे होते हैं.
प्यार में सब जायज़ है….. यह कहकर वो धोखा देगये….
किसी ने मुझे ये सिखा दिया कि, हद से ज्याद किसी को चाहना बुरी बात है ।
कोई था क्या नशा तेरी आँखों के बराबर? कोई होगा क्या नशा तेरे जाने के बाद? सब ठीक तो था, बेवफाई करनी क्या जरुरी थी? छोडिए अब उनका जिक्र, हम फिर कोई मयखाना पी जाएंगे ।।
किसी को धोखा देने से पहले यह जरुर सोच लीजिए कि बुरे काम का नतीजा देर से हीं सही नुकसान जरुर पहुंचाता है.