एक ही सिक्के के दो पहलू होते है। सिक्का कब पलट जाए, कहा नहीं जा सकता!
साथी समझी थी तुमको पर तुम तो दगा दे गए, साथ देने की जगह मारने की दुआ दे गए, क्योंकि तुम खुदगर्ज थे यार धोखा दे गए…!!
जानते हैं, वो मुझे धोखा दे रहा, जानते हैं सिर्फ़ इस्तेमाल कर रहा, जानते हैं, अब दूर हो जाना चाहिए, जानते हैं सब पर मानते क्यों नहीं…
कुछ लोग इतने गरीब होते है कि, देने के लिए कुछ नहीं होता तो धोखा ही दे देते है!
~ धोखा ~ मतलब निकल जाने के बाद सौगात में जो मिल जाता है उसे धोखा कहते हैं।
प्यार करने वालों में केवल कुछ खुशनसीब लोग हीं होते हैं, जिन्हें जीवन में कभी धोखा नहीं मिलता.
एक ही सिक्के के दो पहलू होते है। सिक्का कब पलट जाए, कहा नहीं जा सकता!
साथी समझी थी तुमको पर तुम तो दगा दे गए, साथ देने की जगह मारने की दुआ दे गए, क्योंकि तुम खुदगर्ज थे यार धोखा दे गए…!!
जानते हैं, वो मुझे धोखा दे रहा, जानते हैं सिर्फ़ इस्तेमाल कर रहा, जानते हैं, अब दूर हो जाना चाहिए, जानते हैं सब पर मानते क्यों नहीं…
कुछ लोग इतने गरीब होते है कि, देने के लिए कुछ नहीं होता तो धोखा ही दे देते है!
~ धोखा ~ मतलब निकल जाने के बाद सौगात में जो मिल जाता है उसे धोखा कहते हैं।
प्यार करने वालों में केवल कुछ खुशनसीब लोग हीं होते हैं, जिन्हें जीवन में कभी धोखा नहीं मिलता.