बात चल निकली है तुम इश्क नहीं करते सब जान गए हैं तुम फरेब अच्छा नहीं करते जेब काटने आए थे बावला समझकर अंजाम भी चाहिए ब्लेड भी तीखा नहीं करते !!

बात चल निकली है तुम इश्क नहीं करते सब जान गए हैं तुम फरेब अच्छा नहीं करते जेब काटने आए थे बावला समझकर अंजाम भी चाहिए ब्लेड भी तीखा नहीं करते !!

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इंसान को धोखा कभी भी इंसान नहीं देता…! उसकी उम्मीदें देती हैं जो वो दूसरों से अपेक्षा करता है.!!

बिन मागें जो मिल जाए वो है धोखा और फरेब, और जो मांगकर भी ना मिले वो है सच्चा इश्क….।

खुद को मैंने उसमें, मैं तो नहीं मिला कहीं, मिला तो बस धोखा, जिससे उठ गया भरोसा, प्यार पर से मेरा..!!

प्यार में सब जायज़ है….. यह कहकर वो धोखा देगये….

दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,

जब आप न बताने लायक गुप्त बातें किसी को बता देते हैं, तो आपके धोखा खाने की सम्भावना बढ़ जाती है.

इंसान को धोखा कभी भी इंसान नहीं देता…! उसकी उम्मीदें देती हैं जो वो दूसरों से अपेक्षा करता है.!!

बिन मागें जो मिल जाए वो है धोखा और फरेब, और जो मांगकर भी ना मिले वो है सच्चा इश्क….।

खुद को मैंने उसमें, मैं तो नहीं मिला कहीं, मिला तो बस धोखा, जिससे उठ गया भरोसा, प्यार पर से मेरा..!!

प्यार में सब जायज़ है….. यह कहकर वो धोखा देगये….

दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,

जब आप न बताने लायक गुप्त बातें किसी को बता देते हैं, तो आपके धोखा खाने की सम्भावना बढ़ जाती है.