गलती और धोखा में फर्क होता है आप जितनी जल्दी समझ जाओ उतना ही अच्छा है। गलतियां माफ की जा सकती है धोखा नहीं ।।
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,
धोखा कभी गैरों से नहीं मिलता, विश्वास तो अपने तोड़ जाते है।
साथी समझी थी तुमको पर तुम तो दगा दे गए, साथ देने की जगह मारने की दुआ दे गए, क्योंकि तुम खुदगर्ज थे यार धोखा दे गए…!!
एक ही सिक्के के दो पहलू होते है। सिक्का कब पलट जाए, कहा नहीं जा सकता!
हमने उन पर आँखे बंद करके विश्वास क्या किया, हम अंधे हैं उन्होंने यह महसूस भी करवा दिया। ??
गलती और धोखा में फर्क होता है आप जितनी जल्दी समझ जाओ उतना ही अच्छा है। गलतियां माफ की जा सकती है धोखा नहीं ।।
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,
धोखा कभी गैरों से नहीं मिलता, विश्वास तो अपने तोड़ जाते है।
साथी समझी थी तुमको पर तुम तो दगा दे गए, साथ देने की जगह मारने की दुआ दे गए, क्योंकि तुम खुदगर्ज थे यार धोखा दे गए…!!
एक ही सिक्के के दो पहलू होते है। सिक्का कब पलट जाए, कहा नहीं जा सकता!
हमने उन पर आँखे बंद करके विश्वास क्या किया, हम अंधे हैं उन्होंने यह महसूस भी करवा दिया। ??