तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।

तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।

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मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤

कोई केह दे उन्हें, अपनी ख़ास हिफाजत किया करे,, बेशक साँसे उनकी हे, पर जान तो मेरी हे

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤

कोई केह दे उन्हें, अपनी ख़ास हिफाजत किया करे,, बेशक साँसे उनकी हे, पर जान तो मेरी हे

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है