सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है