अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये