अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम