जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै

जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै

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तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है

नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..

मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है

नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..

मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…