हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै