बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं

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शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है

अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं

हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए

हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है

अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं

हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए

हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है