सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया, घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया, घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं