जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ