उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया, घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया, घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान