हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा