मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई