अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

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डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।

शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे

डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।

शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे