फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
रहना है तो मेरा रहे वरना जिसका होना हो, हो ले अब कोई मगजमारी नहीं.
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
रहना है तो मेरा रहे वरना जिसका होना हो, हो ले अब कोई मगजमारी नहीं.
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे