बोलना तो सब जानते हैं पर कब और क्या बोलना है यह बहुत ही कम लोग जानते हैं
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा
औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
मुझे कमज़ोर समझने की गलती मत करना प्यार और वार वक़्त आने पे करुगा
बोलना तो सब जानते हैं पर कब और क्या बोलना है यह बहुत ही कम लोग जानते हैं
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा
औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
मुझे कमज़ोर समझने की गलती मत करना प्यार और वार वक़्त आने पे करुगा