जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
कुछ लोग मुझे गलत समझते हैं तो मुझे बुरा नहीं लगता, क्योंकि वह मुझे उतना ही समझते हैं जितनी उन्हें समझ है
मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
सुन बे खजूर वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
कुछ लोग मुझे गलत समझते हैं तो मुझे बुरा नहीं लगता, क्योंकि वह मुझे उतना ही समझते हैं जितनी उन्हें समझ है
मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
सुन बे खजूर वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है