झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे