ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार