अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
मुझे कमज़ोर समझने की गलती मत करना प्यार और वार वक़्त आने पे करुगा
अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
मुझे कमज़ोर समझने की गलती मत करना प्यार और वार वक़्त आने पे करुगा