तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो
हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो
हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!