बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

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गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।