अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं

अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं

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हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए

रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए

रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है