क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
मैंने तेरा नाम लेके ही सारे काम किये है महादेव, और लोग समझते है कि बंदा बहुत किस्मत वाला है ।
नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
मैंने तेरा नाम लेके ही सारे काम किये है महादेव, और लोग समझते है कि बंदा बहुत किस्मत वाला है ।
नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।