वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,

वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,

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मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।

हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

हम ‪महादेव‬ के दीवाने है! तान के ‪सीना‬ चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर ‪श्रीराम‬ के पलते है!

माथे का? तिलक कभी ?हटेगा नही, और जब तक जिन्दा हूँ,? तब तक महाकाल ⚡का नाम मुँह से मिटेगा नही।

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।

हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

हम ‪महादेव‬ के दीवाने है! तान के ‪सीना‬ चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर ‪श्रीराम‬ के पलते है!

माथे का? तिलक कभी ?हटेगा नही, और जब तक जिन्दा हूँ,? तब तक महाकाल ⚡का नाम मुँह से मिटेगा नही।