माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।
#कृपा जिनकी मेरे ऊपर, #तेवर भी उन्हीं का #वरदान है । #शान से जीना सिखाया जिसने, #महाकाल उनका नाम है ।
करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.
वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,
लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।
#कृपा जिनकी मेरे ऊपर, #तेवर भी उन्हीं का #वरदान है । #शान से जीना सिखाया जिसने, #महाकाल उनका नाम है ।
करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.
वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,
लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल