जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप

शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।

मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!

अदभुत भोले तेरी माया, अमरनाथ में डेरा जमाया नीलकंठ में तेरा साया, तू ही मेरे दिल में समाया जय श्री महाकाल

ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप

शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।

मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!

अदभुत भोले तेरी माया, अमरनाथ में डेरा जमाया नीलकंठ में तेरा साया, तू ही मेरे दिल में समाया जय श्री महाकाल

ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव