महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है जय शिव शम्भू
फिदा हो जाऊँ.. तेरी किस-किस अदा पर महाकाल अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हें मेरा.
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है जय शिव शम्भू
फिदा हो जाऊँ.. तेरी किस-किस अदा पर महाकाल अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हें मेरा.
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.