जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू

शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।

फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर शंभू, अदाये लाख तेरी, और बेताब दिल एक मेरा है । ?Jai Shiv Shambhu?

आग लगे उस जवानी कों ज़िसमे महाकाल नाम की दिवानगी न हो जय महाकाल

चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू

शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।

फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर शंभू, अदाये लाख तेरी, और बेताब दिल एक मेरा है । ?Jai Shiv Shambhu?

आग लगे उस जवानी कों ज़िसमे महाकाल नाम की दिवानगी न हो जय महाकाल

चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।