जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल

लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल

हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल

लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल

हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?