यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
महाकाल तेरा नाम लेते लेते एक नया इतिहास बनायेंगे जो भी देखेगा हमे वो ये ही कहेगा कि हम भी महाकाल की शरण मे जांयेगे जय महाकाल
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
महाकाल तेरा नाम लेते लेते एक नया इतिहास बनायेंगे जो भी देखेगा हमे वो ये ही कहेगा कि हम भी महाकाल की शरण मे जांयेगे जय महाकाल
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?