जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल

लबो पर मुस्कान आँखों में तूफान यही है एक शिवभक्त की पहचान हर-हर महादेव

जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप

हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।

बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल

लबो पर मुस्कान आँखों में तूफान यही है एक शिवभक्त की पहचान हर-हर महादेव

जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप

हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।