जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

मेरे महाकाल कहते हैं कि मत सोच तेरा सपना पूरा होगा या नहीं होगा… क्योंकि जिसके कर्म अच्छे होते हैं उनकी तो मैं भी मदद करता हूँ…

दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?

ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

मेरे महाकाल कहते हैं कि मत सोच तेरा सपना पूरा होगा या नहीं होगा… क्योंकि जिसके कर्म अच्छे होते हैं उनकी तो मैं भी मदद करता हूँ…

दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?