मंदिर के बाहर खड़े भक्त से महाकाल कहते है, बेझिझक भीतर आइए, “पाप” करके आप थक गये होंगे । ?Jai Mahakal?
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
स्मशान के दहकते अंगारें भी राख में तब्दील हो जाते है, जब उन्हें पता चलता है कि, हमें बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होना हैं #Love_Mahakal
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
मंदिर के बाहर खड़े भक्त से महाकाल कहते है, बेझिझक भीतर आइए, “पाप” करके आप थक गये होंगे । ?Jai Mahakal?
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
स्मशान के दहकते अंगारें भी राख में तब्दील हो जाते है, जब उन्हें पता चलता है कि, हमें बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होना हैं #Love_Mahakal
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!