क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
खौफ फैला देना नाम का, कोई पुछे तो कह देना, भक्त लौट आया हैं महाकाल का
तुझसे क्या बताऊ अपने मन की #शिवाय♥️ तू तो सब जानता है…! एक तू ही है जो मेरी नस नस पहचानता है…!! खामोशियों मे भी मेरे अल्फाज़ हो रहे हैं बयां..!!? ये तेरा बच्चा तेरे चरणों मैं जीवन भर की शरण चाहता है..?
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
खौफ फैला देना नाम का, कोई पुछे तो कह देना, भक्त लौट आया हैं महाकाल का
तुझसे क्या बताऊ अपने मन की #शिवाय♥️ तू तो सब जानता है…! एक तू ही है जो मेरी नस नस पहचानता है…!! खामोशियों मे भी मेरे अल्फाज़ हो रहे हैं बयां..!!? ये तेरा बच्चा तेरे चरणों मैं जीवन भर की शरण चाहता है..?