जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

Share:

More Like This

आग लगे उस जवानी कों ज़िसमे महाकाल नाम की दिवानगी न हो जय महाकाल

गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।

वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,

हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.

हैसियत मेरी छोटी है पर मन मेरा शिवाला है.. करम तो मैं करता जाऊंगा क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है.. ?? जय श्री महाकाल ??

लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल

आग लगे उस जवानी कों ज़िसमे महाकाल नाम की दिवानगी न हो जय महाकाल

गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।

वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,

हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.

हैसियत मेरी छोटी है पर मन मेरा शिवाला है.. करम तो मैं करता जाऊंगा क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है.. ?? जय श्री महाकाल ??

लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल