जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

Share:

More Like This

शिव सत्य है, शिव अनंत है, शिव अनादि है, शिव भगवंत है, शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है, शिव शक्ति है, शिव भक्ति है

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?

“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।

#कृपा जिनकी मेरे ऊपर, #तेवर भी उन्हीं का #वरदान है । #शान से जीना सिखाया जिसने, #महाकाल उनका नाम है ।

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

शिव सत्य है, शिव अनंत है, शिव अनादि है, शिव भगवंत है, शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है, शिव शक्ति है, शिव भक्ति है

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?

“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।

#कृपा जिनकी मेरे ऊपर, #तेवर भी उन्हीं का #वरदान है । #शान से जीना सिखाया जिसने, #महाकाल उनका नाम है ।

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।