जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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तुझसे क्या बताऊ अपने मन की #शिवाय♥️ तू तो सब जानता है…! एक तू ही है जो मेरी नस नस पहचानता है…!! खामोशियों मे भी मेरे अल्फाज़ हो रहे हैं बयां..!!? ये तेरा बच्चा तेरे चरणों मैं जीवन भर की शरण चाहता है..?

लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”

लिख दे किस्मत में मेरी महाकाल का प्यार कुछ ऐसा करिश्मा कर दे मुझको मिल जाए महाकाल का दीदार

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ, इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।

कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।

तुझसे क्या बताऊ अपने मन की #शिवाय♥️ तू तो सब जानता है…! एक तू ही है जो मेरी नस नस पहचानता है…!! खामोशियों मे भी मेरे अल्फाज़ हो रहे हैं बयां..!!? ये तेरा बच्चा तेरे चरणों मैं जीवन भर की शरण चाहता है..?

लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”

लिख दे किस्मत में मेरी महाकाल का प्यार कुछ ऐसा करिश्मा कर दे मुझको मिल जाए महाकाल का दीदार

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ, इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।

कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।