जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू

क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा ‪महाकाल तो ‪फकीरो‬ का दीवाना है..!‬‬‬‬

भोले तूने तो सारी दुनिया तारी हैं, कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ, कह दे चल बेटा आज तेरी बारी हैं

गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के, शिव शम्बू भक्त है हम आपके !! हर-हर महादेव

जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर

हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.

मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू

क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा ‪महाकाल तो ‪फकीरो‬ का दीवाना है..!‬‬‬‬

भोले तूने तो सारी दुनिया तारी हैं, कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ, कह दे चल बेटा आज तेरी बारी हैं

गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के, शिव शम्बू भक्त है हम आपके !! हर-हर महादेव

जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर

हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.