जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।

फिदा हो जाऊँ.. तेरी किस-किस अदा पर महाकाल अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हें मेरा.

महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल

हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।

फिदा हो जाऊँ.. तेरी किस-किस अदा पर महाकाल अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हें मेरा.

महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल

हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।