जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।

मंदिर के बाहर खड़े भक्त से महाकाल कहते है, बेझिझक भीतर आइए, “पाप” करके आप थक गये होंगे । ?Jai Mahakal?

चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

शिव की बनी रहे आप पर छाया, पलट दे जो आपकी किस्मत की काया । मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में जो कभी किसी ने भी न पाया । ?Har Har Mahadev?

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।

मंदिर के बाहर खड़े भक्त से महाकाल कहते है, बेझिझक भीतर आइए, “पाप” करके आप थक गये होंगे । ?Jai Mahakal?

चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

शिव की बनी रहे आप पर छाया, पलट दे जो आपकी किस्मत की काया । मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में जो कभी किसी ने भी न पाया । ?Har Har Mahadev?