जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल

महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है

लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल

महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है

लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।