जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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एक ही नशा सरेआम करते है, हालात चाहें जैसे भी हो.. दिल में महाकाली और जुबां पे महाकाल का नाम रखते हैं !!

गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.

हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है

मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!

एक ही नशा सरेआम करते है, हालात चाहें जैसे भी हो.. दिल में महाकाली और जुबां पे महाकाल का नाम रखते हैं !!

गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.

हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है

मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!