जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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आपका चेहरा भौले मुझे ऐसा भाता है सामने देव कोई भी हो मुख से नाम #महादेव का ही आता है?

हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।

हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?

ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं, भार मेरा उठाना पड़ेगा। मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल मुझको अपना बनाना पड़ेगा।

आपका चेहरा भौले मुझे ऐसा भाता है सामने देव कोई भी हो मुख से नाम #महादेव का ही आता है?

हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।

हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?

ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं, भार मेरा उठाना पड़ेगा। मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल मुझको अपना बनाना पड़ेगा।