जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी

क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा ‪महाकाल तो ‪फकीरो‬ का दीवाना है..!‬‬‬‬

मैंने तेरा नाम लेके ही सारे काम किये है महादेव, और लोग समझते है कि बंदा बहुत किस्मत वाला है ।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी

क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा ‪महाकाल तो ‪फकीरो‬ का दीवाना है..!‬‬‬‬

मैंने तेरा नाम लेके ही सारे काम किये है महादेव, और लोग समझते है कि बंदा बहुत किस्मत वाला है ।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।