जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

Share:

More Like This

चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**

लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल

ना #गिन के दिया ना #तोल के दिया, मेरे #महादेव ने जिसे भी भी दिया, #दिल_खोल कर दिया ।

हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?

लबो पर मुस्कान आँखों में तूफान यही है एक शिवभक्त की पहचान हर-हर महादेव

कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?

चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**

लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल

ना #गिन के दिया ना #तोल के दिया, मेरे #महादेव ने जिसे भी भी दिया, #दिल_खोल कर दिया ।

हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?

लबो पर मुस्कान आँखों में तूफान यही है एक शिवभक्त की पहचान हर-हर महादेव

कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?