ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप
झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।
किसी ने मुझसे कहा इतने ख़ूबसूरत नहीं हो तुम, मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।
किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप
झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।
किसी ने मुझसे कहा इतने ख़ूबसूरत नहीं हो तुम, मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।
किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।