छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम
महाँकाल का नारा लगा के दुनिया मै हम छा गये दुश्मन भी छुपकर बोले वो देखो महाँकाल के भक्त आ गये? ।जय श्री महाकाल।।?
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।
छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम
महाँकाल का नारा लगा के दुनिया मै हम छा गये दुश्मन भी छुपकर बोले वो देखो महाँकाल के भक्त आ गये? ।जय श्री महाकाल।।?
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।