जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

Share:

More Like This

भोले के नाम में डूबे रहना आदत है मेरी कोई मुझे देखकर बस हर-हर महादेव बोल दे यही धनदौलत है मेरी जय महाकाल

अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम

ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

हम ‪महादेव‬ के दीवाने है! तान के ‪सीना‬ चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर ‪श्रीराम‬ के पलते है!

हम महाकाल नाम की शमा के छोटे से परवाने है, कहने वाले कुछ भी कहे हम तो महाकाल के दिवाने है..!

भोले के नाम में डूबे रहना आदत है मेरी कोई मुझे देखकर बस हर-हर महादेव बोल दे यही धनदौलत है मेरी जय महाकाल

अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम

ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।

किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।

हम ‪महादेव‬ के दीवाने है! तान के ‪सीना‬ चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर ‪श्रीराम‬ के पलते है!

हम महाकाल नाम की शमा के छोटे से परवाने है, कहने वाले कुछ भी कहे हम तो महाकाल के दिवाने है..!