जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

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सारा जहाँ है जिसकी शरण में नमन है उस शिव जी के चरण में बने उस शिवजी के चरणों की धुल आओ मिल कर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल

मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?

खौफ फैला देना नाम का, कोई पुछे तो कह देना, भक्त लौट आया हैं महाकाल का

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

भोले के नाम में डूबे रहना आदत है मेरी कोई मुझे देखकर बस हर-हर महादेव बोल दे यही धनदौलत है मेरी जय महाकाल

सारा जहाँ है जिसकी शरण में नमन है उस शिव जी के चरण में बने उस शिवजी के चरणों की धुल आओ मिल कर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल

मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?

खौफ फैला देना नाम का, कोई पुछे तो कह देना, भक्त लौट आया हैं महाकाल का

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

भोले के नाम में डूबे रहना आदत है मेरी कोई मुझे देखकर बस हर-हर महादेव बोल दे यही धनदौलत है मेरी जय महाकाल