ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर शंभू, अदाये लाख तेरी, और बेताब दिल एक मेरा है । ?Jai Shiv Shambhu?
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ, तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ । **जय महाकाल**
लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर शंभू, अदाये लाख तेरी, और बेताब दिल एक मेरा है । ?Jai Shiv Shambhu?
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ, तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ । **जय महाकाल**
लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल