परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बहुत से लोग हैं जिनका हिसाब करना है
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बहुत से लोग हैं जिनका हिसाब करना है