ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे

ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे

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अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!

हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!

हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे