शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ, इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ, तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ । **जय महाकाल**
शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ, इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ, तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ । **जय महाकाल**