लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल

लोग पूछते हैं “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नजर आती है ?” जय महाकाल

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दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।

चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**

दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**

दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।

राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।

चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**

दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**