विश्व का कण कण शिव मय हो अब हर शक्ति का अवतार उठे जल थल और अम्बर से फिर बम बम भोले की जय जयकार उठे
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
विश्व का कण कण शिव मय हो अब हर शक्ति का अवतार उठे जल थल और अम्बर से फिर बम बम भोले की जय जयकार उठे
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय: