माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
दुनिया पर किया गया भरोसा तो टूट सकता है, लेकिन दुनिया के मालिक महाकाल पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता है..!
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
दुनिया पर किया गया भरोसा तो टूट सकता है, लेकिन दुनिया के मालिक महाकाल पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता है..!
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।