कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

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कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार

नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार

नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता