दोस्त भी दुश्मन बन जाता है, जब उसे अपना स्वार्थ नजर आता है।

दोस्त भी दुश्मन बन जाता है, जब उसे अपना स्वार्थ नजर आता है।

Share:

More Like This

सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना

दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।

जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।

सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।

हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।

सच्चे लोगों के साथ सच्ची बात करे, और मतलबी लोगों के साथ सिर्फ मतलब की बात करे।

सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना

दोस्तों की औकात तो हमे तब पता चलती है जब हम संकट मे होते है।

जहाँ भरोसा है वहाँ सावधानी जरूर होनी चाहिए।

सच्चे दोस्त हमेशा सामने बुराई करते है, और झुठे लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करते है।

हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।

सच्चे लोगों के साथ सच्ची बात करे, और मतलबी लोगों के साथ सिर्फ मतलब की बात करे।