बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं

बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं

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धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..