फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है

फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है

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मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी

अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी

अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं