पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!
समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो
मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।
इस संसार में, हर किसी को, अपने "ज्ञान" का "घमंड" हैं…परन्तु किसी को भी अपने …घमंड" का "ज्ञान" नहीं हैं
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!
समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो
मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।
इस संसार में, हर किसी को, अपने "ज्ञान" का "घमंड" हैं…परन्तु किसी को भी अपने …घमंड" का "ज्ञान" नहीं हैं
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |