दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

Share:

More Like This

कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।

धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा

कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।

धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा