हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम

हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम

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नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..

मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है

कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता

लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं

नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..

मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है

कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता

लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं