सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है

सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है

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धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे

माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे

माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु