न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी Selfie ही हैं काफी
“हमारी रगो मे वो खून दौड़ता है जिसकी एक बूँद अगर तेजाब पर गिर जाए तो तेजाब जल जाए”
अर्ज किया है- हमने तीखी नज़रो से देखा तो वो मदहोश हो गये। जब देखा कि हम सेल्फी ले रहे थे तो खामोश हो गये॥
हम उतना ही किसी को बर्बाद करते हैं जितना सामने वाले की ओकात होती हैं.
“दिखावे की मोहब्बत से अच्छा है हमसे नफरत कीजिए जनाब हम सच्चे जज्बात की बड़ी कदर करते हैं”
अपनी फोन से जिस पहली सेल्फी को आप डिलीट करते हैं वाकई में यही आपकी असली सेल्फी हैं.
न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी Selfie ही हैं काफी
“हमारी रगो मे वो खून दौड़ता है जिसकी एक बूँद अगर तेजाब पर गिर जाए तो तेजाब जल जाए”
अर्ज किया है- हमने तीखी नज़रो से देखा तो वो मदहोश हो गये। जब देखा कि हम सेल्फी ले रहे थे तो खामोश हो गये॥
हम उतना ही किसी को बर्बाद करते हैं जितना सामने वाले की ओकात होती हैं.
“दिखावे की मोहब्बत से अच्छा है हमसे नफरत कीजिए जनाब हम सच्चे जज्बात की बड़ी कदर करते हैं”
अपनी फोन से जिस पहली सेल्फी को आप डिलीट करते हैं वाकई में यही आपकी असली सेल्फी हैं.