हम जो शक्ल सेल्फी के लिए बनाते है… वो वाकई मे हो तो आनन्द कुछ अलग ही हैं.
लाइफ में किसकों टेंशन नहीं है मगर फिर भी हम मस्त है.
मैं जो हूँ , हूँ , तुमसे approval की जरूरत नहीं l
“दिखावे की मोहब्बत से अच्छा है हमसे नफरत कीजिए जनाब हम सच्चे जज्बात की बड़ी कदर करते हैं”
राह में सैकड़ों ठोकर आ जाए कोई फ़िक्र नहीं बस फोन में सेल्फी अच्छी आनी चाहिए
डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.
हम जो शक्ल सेल्फी के लिए बनाते है… वो वाकई मे हो तो आनन्द कुछ अलग ही हैं.
लाइफ में किसकों टेंशन नहीं है मगर फिर भी हम मस्त है.
मैं जो हूँ , हूँ , तुमसे approval की जरूरत नहीं l
“दिखावे की मोहब्बत से अच्छा है हमसे नफरत कीजिए जनाब हम सच्चे जज्बात की बड़ी कदर करते हैं”
राह में सैकड़ों ठोकर आ जाए कोई फ़िक्र नहीं बस फोन में सेल्फी अच्छी आनी चाहिए
डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.