“हम तो नादान है क्या समझेगे मोहब्बत का तकाजा बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे ”
मालूम नहीं सेल्फी लेना मजबूरी सा हो गया हैं फिलिंग गुड दिखना खुश रहने से अहम हो गया हैं.
सुन पगली जितनी FB पे तेरे फ्रेंड है उससे ज्यादा तो हमारी सेल्फी पे लाईक कॉमेट है
मानव को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि पर्वत से निकली नदी किसी से समुद्र का रास्ता नहीं पूछती
पहले आप ! नहीं पहले आप ! Oh ! सेल्फी के लिए भी ! Don’t priority.
वों ऊँचाई किस काम की साहब जिस ऊँचाई पर मानव चढ़ जाए मगर मानवता नीचे उतर आए
“हम तो नादान है क्या समझेगे मोहब्बत का तकाजा बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे ”
मालूम नहीं सेल्फी लेना मजबूरी सा हो गया हैं फिलिंग गुड दिखना खुश रहने से अहम हो गया हैं.
सुन पगली जितनी FB पे तेरे फ्रेंड है उससे ज्यादा तो हमारी सेल्फी पे लाईक कॉमेट है
मानव को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि पर्वत से निकली नदी किसी से समुद्र का रास्ता नहीं पूछती
पहले आप ! नहीं पहले आप ! Oh ! सेल्फी के लिए भी ! Don’t priority.
वों ऊँचाई किस काम की साहब जिस ऊँचाई पर मानव चढ़ जाए मगर मानवता नीचे उतर आए