अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

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किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!

जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे

समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!

जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे

समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं