इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं
जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं
जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं