रिश्तो को वक़्त और हालत बदल देते है अब तेरा ज़िकर होने पर हम बात बदल देते है

रिश्तो को वक़्त और हालत बदल देते है अब तेरा ज़िकर होने पर हम बात बदल देते है

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अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके

अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके