कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है