हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

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हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!