हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

Share:

More Like This

मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..