तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

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हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं

धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!

हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं

धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!