कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है
मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है
मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे