मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

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ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल

अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल

अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!