मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

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झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला

जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

रहना है तो मेरा रहे वरना जिसका होना हो, हो ले अब कोई मगजमारी नहीं.

झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला

जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

रहना है तो मेरा रहे वरना जिसका होना हो, हो ले अब कोई मगजमारी नहीं.