कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!
अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!
अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है