हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है