बोलना तो सब जानते हैं पर कब और क्या बोलना है यह बहुत ही कम लोग जानते हैं

बोलना तो सब जानते हैं पर कब और क्या बोलना है यह बहुत ही कम लोग जानते हैं

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जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ

बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

Ek वो ‪pagali‬ हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे ‪Status‬ ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ

बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

Ek वो ‪pagali‬ हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे ‪Status‬ ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है