औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

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हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”

दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए

मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”

दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए

मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे

दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है