औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

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ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ

मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है

मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ

मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है

मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…